न.1(8)/2005-एईआई

भारत सरकार

भारी उद्योग विभाग

उद्योग भवन नई दिल्ली,

दिनांक सितम्बर 2005

कार्यालय ज्ञापन

विषय:- भारतीय आटोमोटिव क्षेत्र के विकास हेतु 10 वर्षीय लक्ष्य       योजना के निर्माण हेतु कृतक बल का गठन ।

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भारतीय आटोमोटिव उद्योग की घरेलू तथा वैश्विक दोनों वृद्धि संभावनाओं को प्राप्त करने और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में इसके योगदान को इष्टतम करने के क्रम में, भारत सरकार ने भारतीय आटोमोटिव क्षेत्र के विकास के लिए दस वर्षीय लक्ष्य योजना बनाने का निश्चय किया है । लक्ष्य योजना के निर्माण तथा विचार करने के लिए ,निम्नलिखित सदस्यों से कार्यबल का गठन का निश्चय किया गया है :

i.

सचिव,

भारी उद्योग एवं लोक उद्यम मंत्रालय

अध्यक्ष

ii.

अध्यक्ष,

सोसायटी आफ इंडियन आटोमोबाइल मैन्युफैक्चर्रस (एसआईएएम)

सदस्य

iii.

अध्यक्ष,

आटोमोटिव कंपोनेंट मैन्युफैक्चर्रस एसोसिएशन आफ इण्डिया ( एसीएमए )

सदस्य

iv.

अध्यक्ष,

ट्रेक्टर मैन्युफैक्चर्रस एसोसिएशन (टीएमए)

सदस्य

v.

श्री बिजोन नाग, अध्यक्ष, आईएफबी आटोमोटिव प्रा.लि.

सदस्य

vi.

संयुक्त सचिव, आटो डिविजन के प्रभारी,

भारी उद्योग एवं लोक उद्यम मंत्रालय

सदस्य सचिव

 

2.  बल के पास निम्नलिखित संदर्भाधीन शर्तें होंगी :

i. यह आटोमोटिव उद्योग   के विभिन्न भागों की वर्तमान स्थिति और चुनौतियों का परीक्षण करेगा और घरेलू साथ ही साथ अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में आटोमोटिव क्षेत्रमें या किसी अन्य संबद्ध क्षेत्र में नीति आदेशों के बाहर उत्पन्न हो रहे अवरोधो को शामिल करते हुए वृद्धि और प्रतिस्पर्धात्मकता में बाधा डाल रहे चिंतक/बाधक क्षेत्रों की पहचान करेगा तथा उनसे पार पाने के लिए संभावित प्रत्युत्तरों, नीति परिवर्तनों तथा रणनीतियों का सुझाव देगा ।

i i. यह निम्नलिखित को शामिल करते हुए आटोमोटिव लक्ष्य योजना 2005-15 (एएमपी 2005-15) नामक एक वैश्विक केन्द्र में भारतीय आटोमोटिव क्षेत्र के विकास के लिए 10 वर्षीय लक्ष्य योजना तैयार करेगा तथा विचार करेगा :-

a.       नीति आदेशों के सहगमन के साथ आटोमोटिव कलपुर्जा, यात्री कार, व्यावसायिक वाहन, दुपहिया/तिपहिया वाहन और बहु-उपयोगी वाहन जैसे आटोमोटिव उद्योग के व्यक्तिगत खण्डों के लिए क्षेत्रीय दृष्टिकोण तथा वृद्धि रणनीति,

b.      आटोमोटिव कलपुर्जे, यात्री कार, व्यावसायिक वाहन, दुपहिया/तिपहिया वाहन और बहु उपयोगी वाहन खण्ड को शामिल करते हुए सभी संदर्भित खण्डों के लिए दृष्टिकोण तथा वृद्धि प्राप्त करने के लिए विशेष योजनाएं तथा कार्यक्रम

c.       देश में अग्रणी शैक्षिक/अनुसंधान संस्थानों के साथ सहयोग बढाकर स्टाइलिंग् और डियाइनिंग, परीक्षण और वैद्यीकरण को शामिल करते हुए आटोमोटिव क्षेत्र के लिए अनन्य रूप से  प्रशिक्षित गुणात्मक प्रतिभा की सतत उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु योजनाएं तथा कार्यक्रम,

d.      ओइएम/ बहु पक्षीय निधीयन/सहायता एजेन्सियों आदि को शामिल करते हुए विभिन्न पणधारियों को शामिल करने से भारत का आईटी और इलेक्ट्रोनिक्स में शक्ति को  आटोमोटिव तकनीकों में अभिसरित करना,

e.       लघु एवं मध्यम आकार के कलपुर्जा निर्माताओं को शामिल करते हुए भारती आटोमोटिव निर्माताओं के उभरते वैश्विक बाजारों और आटोमोबाइल्स,आटोमोबाइल कलपुर्जो और मेड इन इण्डिया ट्रेड मार्क को वैश्विक तौर पर मजबूती से स्थापित करने हेतु रूपरेखा को शामिल करते हुए इस क्षेत्र से संबंधित सेवाओं के निर्यात हेतु आउटसोर्सिंग अवसरों को प्राप्त करने की ओर प्रयासों को मजबूती हेतु मुख्य रणनीतियां ।

i i i. कृतक बल भारतीय आटोमोटिव स्तर को वैश्विक स्तर के साथ अनुकूलन हेतु एक विस्तृत योजना भी उपलब्ध करायेगा और स्थिर, आवश्यकता आधारित और वास्तविक अनुकूलन को सुगम बनाने और उन्नत करने हेतु संस्थानिक मशीनरी जोडेगा ।

iV. कृतक बल किसी अन्य पहलू जिसे वह भारतीय आटोमोटिव क्षेत्र के वैश्विक आटोमोटिव केन्द्र में दस वर्ष में विकास हेतु आवश्यक समझता है , पर सिफारिशें करेगा ।

3. कृतक बल ऐसे अन्य अधिकारी(यों) और गैर अधिकारी(यों) को सदस्य के रूप में सहयोजित कर सकेगा जिन्हें वह अपने कर्तव्यों के निष्पादन हेतु उचित समझे और अपने प्रयासों की मजबूती हेतु सलाहकारों/दक्ष व्यक्तियों की सेवाने भी ले सकेगा । कृतक बल, अगर ऐसा समझे, उप-समूह (हों) का गठन भी कर सकेगा ।

4. कृतक बल पर सभी व्यय आटोमोबाइल और समबद्ध उद्योगों पर विकास परिषद के लिए चिह्नित भारी उद्योग विभाग के लिए उपलब्ध बजट से किये जायेंगे ।

5. कृतक बल अपनी रिपोर्ट छ: माह में देगा ।

6. यह आई. एफ. विंग की सहमति से जारी है देखिये इनकी डायरी संख्या 1039/वित्त-III/2005 दिनांक 1 सितंबर 2005

(संजीव रंजन )

डायरेक्टर

टेलि/फैक्स न. 23014294