विभाग के कार्य तथा भूमिका

 

भारी उद्योग विभाग भारी इंजीनियरिंग उद्योग  भारी इंजीनियरिंग उद्योग, मशीन टूल उद्योग, भारी इलेक्ट्रिकल उद्योग, औद्योगिक मशीनरी एवं आटो उद्योग के विकास से सम्बद्ध है और निम्नलिखित 48 केन्द्रीय सरकारी क्षेत्र के उपक्रमों का प्रशासन करता है:-

 

(i)           

 

अभियांत्रिकी उपक्रम

1.

एंड्रयू येल एंड क. लि. (एवाईसीएल)

2.

भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लि. (भेल)

 

 

 

भारत भारती उद्योग निगम लि. (बीबीयूएनएल) धारक कंपनियां

3.

बर्न स्टेण्डर्ड क. लि. (बीबीयूएनएल की सहायक)

4.

भारत ब्रेक्स एंड वाल्वस् लि. (बीबीवीएल) (बीबीयूएनएल की सहायक)*

5.

ब्रेथवेट एण्ड क. लि. (बीबीयूएनएल की सहायक)

6.

भारत वैगन एण्ड इंजीनियरिंग क. लि.( बीबीयूएनएल की सहायक)

7.

भारत प्रोसेस एंड मैकेनिकल इंजिनियर्स लि. (बीपीएमईएल) (बीबीयूएनएल की सहायक)*

8.

आरबीएल लि. (आरबीएल) (बीबीयूएनएल की सहायक)*

9.

वेबर्ड (इंडिया) लि. (डब्ल्यूआईएल) (बीबीयूएनएल की सहायक)*

10.

तुंगभद्रा स्टील प्रोडक्ट्स लि.(टीएसपीएल) (बीबीयूएनएल की सहायक)

 

 

 

भारत यंत्र निगम लि. (बीवाईएनएल) धारक कंपनियां

11.

भारत हैवी प्लेट्स एण्ड वेसल्स लि. (बीएचपीवी) (बीवाईएनएल की सहायक)

12.

भारत पम्प्स एण्ड कम्प्रेशर्स लि. (बीपीसीएल) (बीवाईएनएल की सहायक)

13.

रिचर्डसन एण्ड क्रूडास (1972) लि. (आर एण्ड सी) (बीवाईएनएल की सहायक)

14.

त्रिवेणी स्ट्रकचरल्स लि. (टीएसएल) (बीवाईएनएल की सहायक)

 

 

15.

साइकिल कारपोरेशन ऑफ इण्डिया लिमिटेड (सीसीआईएल)*

16.

हैवी इंजीनियरिंग कारपोरेशन लि. (एचईसी)

 

 

17.

एचएमटी लि. (ट्रेक्टर मंडल की धारक कंपनी)

18.

एचएमटी (बेयरिंग) लि. (एचएमटी की सहायक)

19.

एचएमटी वाचेज(एचएमटी की सहायक)

20.

एचएमटी चिनार वाचेज (एचएमटी की सहायक)

21.

एमएमटी मशीन टूल्स (एचएमटी की सहायक)

 

 

22.

इंस्ट्रूमेंटेशन लि., कोटा(आईएलके)

23.

हिन्दुस्तान केबल्स लि. (एचसीएल)

24.

माइनिंग  एण्ड एलाइड मशीनरी  कारपोरेशन लि. (एमएएमसी)*

25.

नेशनल बाइसिकिल कारपोरेशन ऑफ इण्डिया लि. (एनबीसीआईएल)*

26.

नेशनल इंस्ट्रूमेंट्स लि. (एनआईएल)**

27.

प्रागा टूल्स लि. (पीटीएल)

28.

राजस्थान इलेक्ट्रोनिक्स एण्ड इंस्ट्रूमेंट्स लि. (आरईआईएल)

29.

स्कूटर्स इंडिया लिमिटेड

 

 

(ii)

गैर-अभियांत्रिकी उपक्रम

1.

भारत ऑफ्थेल्मिक ग्लास लि. (बीओजीएल)

2.

सीमेंट कारपोरेशन  ऑफ इण्डिया लि. (सीसीआई)

3.

हिन्दुस्तान न्यूजप्रिंट लिमिटेड (एचएनएल)

4.

हिन्दुस्तान पेपर कारपोरेशन लि. (एचपीसी)

5.

हिन्दुस्तान फोटो फिल्म्स मैन्युफैक्चरिंग क.लि. (एचपीएफ)

6.

हिन्दुस्तान साल्ट्स लि. (एचएसएल)

7.

सांभर साल्ट्स लि.(एसएसएल)(एचएसएल की सहायक कंपनी)

8.

नागालैण्ड पल्प एण्ड पेपर कंपनी लि.(एनपीपीसी)**

9.

नेपा लिमिटेड (एनईपीए)

10.

रिहैबिलिटेशन इण्डस्ट्रीज कारपोरेशन लि.(आरआईसी)*

11.

टनेरी एण्ड फुटवियर कारपोरेशन लि.(टीएएफसीओ)*

12.

टायर कारपोरेशन ऑफ इण्डिया लि.(टीसीआईएल)

 

 

(iii)

सलाहकारी/सेवा उपक्रम

1.

भारत लैदर कारपोरेशन लि.(बीएलसी)

2.

ब्रैथवेट बर्न एण्ड जैसन (बीबीजे) कंस्ट्रकशन कं.लि.(बीबीयूएनएल की सहायक कंपनी)

3.

ब्रिज एण्ड रूफ कंपनी (इण्डिया) लि.(बीवाईएनएल की सहायक कंपनी)

4.

इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स (इण्डिया) लि. (ईपीआई)

5.

एचएमटी (इंटरनेशनल) लि. (एचएमटी की सहायक कंपनी)

6.

हुगली प्रिंटिंग कंपनी लि. (ए वाई एण्ड कं. की सहायक कंपनी)

7.

नेशनल इंडस्ट्रीयल डवलपमेंट कारपोरेशन लि.(एनआईडीसी)

 

 

(*)

(ये उपक्रम बंद कर दिए गए हैं)

(**)

(ये इकाइयां संचालन में नहीं हैं)

 

 

(iv)

नेशनल आटोमोटिव टेस्टिंग  एण्ड आर एण्ड डी इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट, भारत सरकार

 

 

(v)

आटोमोटिव रिसर्च एसोशिएसन  ऑफ इण्डिया, पुणे

 

 

(vi)

फ्लूइड कंट्रोल रिसर्च इंस्टीटृयूट, केरल

 

     इस विभाग के अधीन आने वाले उद्योग स्टील, अलौह धातु, उर्वरक, शोधनशाला, पेट्रोकेमिकल, शिपिंग, पेपर, सीमेंट, चीनी आदि जैसे आधारभूत उद्योगों के लिए उपस्कर आवश्यकताओं को पूरा करते हैं। यह विभाग कास्टिंग, फोर्जिंग, डीजल इंजिन, औ़द्योगिक गियर और गियर बॉक्स जैसे मध्यवर्ती इंजीनियरिंग उत्पादों की वृहद श्रृंखला के विकास को सहायता देता है। ये  विद्युत, रेल और सडक यातायात आदि को सम्मिलित करते हुए अर्थव्यवस्था के लगभग सभी सेक्टरों के लिए वस्तुओं एवं सेवाओं की आवश्यकताओं को पूरा करते हैं। यह विभाग पलक्कड स्थित फ्लूइड कंट्रोल रिसर्च इंस्टीट्यूट नामक एक राष्ट्रीय स्तर की प्रयोगशाला  का प्रशासन भी करता है जो कि केलिब्रेशन के मानकीकरण हेतु उद्योग प्रवाह की आवश्यकताओं का प्रबंध करती है।

   

     इस विभाग के विभिन्न औद्योगिक संघों के साथ नियमित सम्पर्क हैं और यह विभाग उद्योग की वृद्धि के लिए योजना निर्माण में संलग्न है। यह विभाग नीतिगत पहल, टैरिफ और ट्रेड से संबंधित समस्याओं के समाधान, तकनीकी सहयोग और प्रोन्नयन के उत्थान, और अनुसंधान एवं विकास आदि में भी सहायता करता है।

 

     इस विभाग के सरकारी क्षेत्र के उपक्रमों के निष्पादन की मानिटरिंग हेतु उनके साथ नजदीकी संपर्क हैं। यह विभाग इस उपक्रमों और सरकार की अन्य एजेन्सियों के मध्य एक मध्यस्थ की भूमिका निभाता है और आदेश-पुस्तिका के सुधार और कोर सेक्टर ग्राहकों  को समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए दीर्घकालीन सम्पर्क स्थापित करने में सहायता करता है।

    

 

इस विभाग के अधीन सरकारी क्षेत्र के उपक्रम

    

        इस विभाग के अधीन सरकारी क्षेत्र के उपक्रम इंजीनियरिंग/पूंजीगत सामान के निर्माण, सलाहकारी और सम्पर्क कार्यकलाप में लगे हुए हैं। इस विभाग के अधीन उपक्रम मशीन-टूल्स, औद्योगिक मशीनरी, बॉयलर, गैस/स्टीम/हाइड्रो टरबाइन, टर्बो जेनरेटर, रेल्वे ट्रेक्शन उपकरण, प्रेशर वैस्ल, एसी लोकोमोटिव, प्राइम मूवर्स, इलेक्ट्रिकल उपकरण और कृषिगत ट्रेक्टर, घडियां, पेपर, टायर और नमक जैसे ग्राहक उत्पाद सहित वृहद रेंज का उत्पादन करते हैं। यह विभाग मारूति उद्योग लि., आटो सेक्टर में संयुक्त सेक्टर का उपक्रम, के मामलों से भी संबंधित है।

 

       यह विभाग कामगारों के हितों की रक्षा करने के साथ ही सरकार की सम्पूर्ण सरकारी सेक्टर नीति के अनुरूप अपने प्रशासनिक नियंत्रणाधीन सरकारी क्षेत्र के उपक्रमों के पुनर्निर्माण की जिम्मेदारी लेता है तथा प्रोत्साहन देता है। पुनर्निर्माण/पुनरूद्धार से संबंधित मामले सरकारी क्षेत्र के उपक्रम के पुनर्निर्माण बोर्ड(बीआरपीएसई) के समक्ष रखे जाते हैं। यह विभाग रूग्न सरकारी क्षेत्र के उपक्रमों के संबंध में पुनरूद्धार योजनाओं के निर्माण के लिए बीआईएफआर और अन्य संबंधित एजेन्सियों से सम्पर्क करता है।

 

       यह विभाग वित्त मंत्रालय और योजना आयोग के परामर्श के अनुसार सरकारी क्षेत्र के उपक्रमों  की विनिवेश आवश्यकताओं की पूर्ति और सरकार/बीआईएफआर द्वारा अनुमोदित पुनर्निर्माण योजनाओं  के कार्यान्वयन के लिए रूग्ण सरकारी क्षेत्र के उपक्रमों को सहायता उपलब्ध करवाने के लिए वित्तीय सहायता का प्रबंध करता है। यह विभाग सरकारी क्षेत्र के उपक्रमों में जनशक्ति विवेकीकरण  करने के लिए सरकार द्वारा अनुमोदित स्वैच्छिक सेवानिवृति योजना  के अधीन कर्मचारियों के हित संवर्धन के लिए सरकारी क्षेत्र के उपक्रमों  को निधियां भी उपलब्ध करवाता है।